जयपुर । राजस्थान विवि की इस सप्ताह से शुरू हो रही परीक्षा आवेदन प्रक्रिया में इस बार फर्जीवाड़े पर रोक का भी प्रावधान है। विवि ने आवेदन प्रक्रिया के प्रारूप में हर कॉलेज के लिए यह व्यवस्था की है। कॉलेज में एफिलेशन के समय जितनी सीटें स्वीकृत हैं उतने ही आवेदन जनरेट किए जा सकेंगे।
विवि के परीक्षा अनुभाग ने इस पर आधिकारिक मोहर भी लगा दी और नई फर्म को इसके निर्देश भी दिए हैं। इस व्यवस्था से सबसे बड़ी समस्या उन कॉलेजों को आएगी जिन्होंने स्नातक में मनमाने तरीके से प्रवेश दिए हैं। विवि से सम्बद्ध 800 से अधिक कॉलेजों पर यह प्रावधान लागू होगा।
विवि में यह समस्या पिछले कई साल से है। विवि के कुछ लोगों की मिलीभगत से कुछ निजी कॉलेज स्वीकृत से ज्यादा सीटों पर प्रवेश देने के बाद उतनी संख्या मंें छात्रों को परीक्षा दिलवा देते हैं। बाद में परिणााम रोका जाता था। एेसे छात्र हर बार विवि में आकर परिणाम के लिए प्रदर्शन करते थे।
दूसरी तरफ कॉलेज संचालक कोर्ट पहुंच जाते थे। हर साल आखिरकार एेसे छात्रों का परिणाम भी जारी हो जाता था। इससे परेशानी विवि और छात्रों को होती थी जबकि कॉलेज प्रबंधन मनमानी करते रहते थे। अब नए प्रावधान से यह संभव नहीं है।
जिस संस्थान के लिए जितनी सीट स्वीकृत हैं उनसे ज्यादा आवेदन भरे ही नहीं जाएंगे। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन के प्रारूप में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
- बी. एल. गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक
पैरामेडिकल परीक्षाएं कराने स्वास्थ्य मंत्री ने की समीक्षा, प्रदेश स्तर पर 14 पाठ्यक्रमों में होंगी
विवि के परीक्षा अनुभाग ने इस पर आधिकारिक मोहर भी लगा दी और नई फर्म को इसके निर्देश भी दिए हैं। इस व्यवस्था से सबसे बड़ी समस्या उन कॉलेजों को आएगी जिन्होंने स्नातक में मनमाने तरीके से प्रवेश दिए हैं। विवि से सम्बद्ध 800 से अधिक कॉलेजों पर यह प्रावधान लागू होगा।
विवि में यह समस्या पिछले कई साल से है। विवि के कुछ लोगों की मिलीभगत से कुछ निजी कॉलेज स्वीकृत से ज्यादा सीटों पर प्रवेश देने के बाद उतनी संख्या मंें छात्रों को परीक्षा दिलवा देते हैं। बाद में परिणााम रोका जाता था। एेसे छात्र हर बार विवि में आकर परिणाम के लिए प्रदर्शन करते थे।
दूसरी तरफ कॉलेज संचालक कोर्ट पहुंच जाते थे। हर साल आखिरकार एेसे छात्रों का परिणाम भी जारी हो जाता था। इससे परेशानी विवि और छात्रों को होती थी जबकि कॉलेज प्रबंधन मनमानी करते रहते थे। अब नए प्रावधान से यह संभव नहीं है।
जिस संस्थान के लिए जितनी सीट स्वीकृत हैं उनसे ज्यादा आवेदन भरे ही नहीं जाएंगे। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन के प्रारूप में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
- बी. एल. गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक
पैरामेडिकल परीक्षाएं कराने स्वास्थ्य मंत्री ने की समीक्षा, प्रदेश स्तर पर 14 पाठ्यक्रमों में होंगी
No comments:
Post a Comment