दौसा. विद्यालयों में विद्यार्थियों का खेल कौशल बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने के बाद भी वेतन को तरस रहे दौसा ब्लॉक के शारीरिक शिक्षकों को अब जल्द ही वेतन मिल सकेगा। शिक्षा विभाग की ओर से उनके वेतन का बजट जारी कर दिया गया है। इसके अलावा ब्लॉक कार्यालय में उनके वेतन बिल भी तैयार कर दिए गए हैं। ऐसे में आगामी एक दो दिन में उनका वेतन खातों में जमा करा दिया जाएगा।
इसकी सूचना मिलते ही वेतन के लिए परेशान हो रहे तृतीय श्रेणी के शारीरिक शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
गौरतलब है कि सरकार ने माध्यमिक व प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों के भर्ती के लिए वर्ष 2013 में विज्ञप्ति जारी की थी। इस दौरान अभ्यर्थियों ने आवेदन कर परीक्षा भी दे दी थी, लेकिन विभाग ने परिणाम जारी नहीं किया। अभ्यर्थियों के बार-बार विरोध करने तथा न्यायालय के आदेश के बाद वर्ष 2015 में परीक्षा परिणाम तो जारी कर दिया गया, लेकिन नियुक्ति नहीं दी गई।
इस दौरान चयनित अभ्यर्थियों ने न्यायालय के आदेशों के इंतजार में समय निकाल दिया। इसके बाद जून 2016 में शारीरिक शिक्षकों को नियुक्ति दे दी गई। इसमें जिले में 75 शारीरिक शिक्षकों को लगाया गया था। इनमें से 53 शारीरिक शिक्षक प्राथमिक व 22 माध्यमिक विद्यालयों में चले गए।
इनमें दौसा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालयों में लगाए गए 9 शारीरिक शिक्षकों को नियुक्ति के बाद से ही वेतन नहीं दिया जा रहा था। शिक्षकों को दीपावली पर बोनस भी नहीं दिया गया था।
इसको लेकर राजस्थान पत्रिका के 13 नवम्बर के अंक में 'खेलों में पारंगत बनाने वाले मानदेय को तरसे शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर समस्या को उजागर किया था। इससे हरकत में आए विभागीय अधिकारियों ने विशेष प्रयास कर वेतन का बजट जारी करा लिया।
ऐसे में अब शारीरिक शिक्षकों को जल्द ही वेतन मिल सकेगा। मामले को लेकर आरपीएससी शिक्षक फोरम के ब्लॉक अध्यक्ष अवधेश तिवाड़ी ने बताया कि फोरम ने भी शिक्षकों को वेतन दिलाने के लिए प्रयास किए थे। इस सम्बन्ध में दौसा बीईईओ बृजमोहन गुप्ता ने बताया कि बजट स्वीकृत हो गया है। जल्द ही वेतन जारी कर दिया जाएगा।
इसकी सूचना मिलते ही वेतन के लिए परेशान हो रहे तृतीय श्रेणी के शारीरिक शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
गौरतलब है कि सरकार ने माध्यमिक व प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों के भर्ती के लिए वर्ष 2013 में विज्ञप्ति जारी की थी। इस दौरान अभ्यर्थियों ने आवेदन कर परीक्षा भी दे दी थी, लेकिन विभाग ने परिणाम जारी नहीं किया। अभ्यर्थियों के बार-बार विरोध करने तथा न्यायालय के आदेश के बाद वर्ष 2015 में परीक्षा परिणाम तो जारी कर दिया गया, लेकिन नियुक्ति नहीं दी गई।
इस दौरान चयनित अभ्यर्थियों ने न्यायालय के आदेशों के इंतजार में समय निकाल दिया। इसके बाद जून 2016 में शारीरिक शिक्षकों को नियुक्ति दे दी गई। इसमें जिले में 75 शारीरिक शिक्षकों को लगाया गया था। इनमें से 53 शारीरिक शिक्षक प्राथमिक व 22 माध्यमिक विद्यालयों में चले गए।
इनमें दौसा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालयों में लगाए गए 9 शारीरिक शिक्षकों को नियुक्ति के बाद से ही वेतन नहीं दिया जा रहा था। शिक्षकों को दीपावली पर बोनस भी नहीं दिया गया था।
इसको लेकर राजस्थान पत्रिका के 13 नवम्बर के अंक में 'खेलों में पारंगत बनाने वाले मानदेय को तरसे शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर समस्या को उजागर किया था। इससे हरकत में आए विभागीय अधिकारियों ने विशेष प्रयास कर वेतन का बजट जारी करा लिया।
ऐसे में अब शारीरिक शिक्षकों को जल्द ही वेतन मिल सकेगा। मामले को लेकर आरपीएससी शिक्षक फोरम के ब्लॉक अध्यक्ष अवधेश तिवाड़ी ने बताया कि फोरम ने भी शिक्षकों को वेतन दिलाने के लिए प्रयास किए थे। इस सम्बन्ध में दौसा बीईईओ बृजमोहन गुप्ता ने बताया कि बजट स्वीकृत हो गया है। जल्द ही वेतन जारी कर दिया जाएगा।
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