श्रीगंगानगर. राजस्थानशिक्षक संघ (शेखावत) का प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी से मिला। डीईओ से मिलकर उन्होंने बताया कि स्टाफिंग पैटर्न पर जिले भर के स्कूलों के लिए जो लिस्ट तैयार की गई है, उसमें तमाम खामियां हैं। उनका कहना था कि जिस सीनियर सेकेंड्री स्कूल में कला संकाय है, उसमें सामाजिक विज्ञान के सेकेंड ग्रेड के दो शिक्षक लगाए जाने चाहिए थे, जबकि तबादले की सूची तैयार करते समय अधिकारियों ने जिले में सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों के पद ही समाप्त कर दिए। आरोप है कि यह नियमों की अनदेखी है।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने जिले में सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों के एक भी पद नहीं दर्शाए जबकि चूरू और बीकानेर में सोशल साइंस के 191 और 198 पद दर्शाए गए। उन्होंने मांग की कि इन खामियों को दूर किया जाए और जिन स्कूलों में 60 स्टूडेंट्स हैं, उनमें नियमानुसार दो शिक्षक लगाए जाएं। इस दौरान सुरेंद्र टोकसिया, गुरमीत सिंह गिल, राधेश्याम यादव, तेज प्रताप यादव, सुभाष सहारण आदि मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने जिले में सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों के एक भी पद नहीं दर्शाए जबकि चूरू और बीकानेर में सोशल साइंस के 191 और 198 पद दर्शाए गए। उन्होंने मांग की कि इन खामियों को दूर किया जाए और जिन स्कूलों में 60 स्टूडेंट्स हैं, उनमें नियमानुसार दो शिक्षक लगाए जाएं। इस दौरान सुरेंद्र टोकसिया, गुरमीत सिंह गिल, राधेश्याम यादव, तेज प्रताप यादव, सुभाष सहारण आदि मौजूद थे।
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