हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने आदेश में कहा है कि इन पदों पर कोर्ट का फैसला आने से पहले नियुक्तियां देना गलत है। मामले में अब अगली सुनवाई 7 मई को होगी। इस संबंध में अमिता कुमारी एवं अन्य ने याचिका दायर कर हाईकोर्ट को बताया कि आरपीएससी के परिणाम जारी करने के बाद अभ्यर्थियों ने सामान्य ज्ञान सहित अन्य विषयों के विवादित प्रश्नों को लेकर हाईकोर्ट में याचिकायें दायर की गई थी। याचिकायें आज भी लम्बित है। याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत में अंडरटेकिंग दी थी कि हाईकोर्ट के आदेश के बिना नियुक्तियां नहीं दी जाएगी। लेकिन गत दिनों सरकार ने सामाजिक विज्ञान एवं एक अन्य विषय की कांउसलिंग कर चयनीत शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया गया है। जबकि अभी तक विवादित प्रश्नों का विवाद हाईकोर्ट से तय ही नहीं हुआ है। साथ ही यदि विशेषज्ञ कमेटी ने उनकी आपत्तियों को मान लिया, तो भर्ती का नए सिरे से परिणाम जारी होने की संभावना है। तब तक नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
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9,488 पदों पर चयनित द्बितीय श्रेणी शिक्षकों को झटका, हाईकोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया पर लगाई रोक
जयपुर। 9,488 पदों पर चयनीत हुए द्बितीय श्रेणी शिक्षकों को राजस्थान
हाईकोर्ट से शुक्रवार को उस समय बडा झटका लगा, जब न्यायाधीश वीएस सिराधना
की एकलपीठ ने द्बितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2०16 के सभी 8 विषयों के शिक्षक
पदों की नियुक्ति प्रक्रिया पर आगामी आदेशों तक रोक लगाते हुए चयनीतों के
नियुक्ति पत्र जारी नहीं करने के निर्देश दे दिए। परीक्षा के प्रश्नोत्तर
से संबंधित याचिकायें मुख्यपीठ, जोधपुर में लम्बित है जहां अंतिम सुनवाई
होकर फैसला सुरक्षित रखा हुआ है।
हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने आदेश में कहा है कि इन पदों पर कोर्ट का फैसला आने से पहले नियुक्तियां देना गलत है। मामले में अब अगली सुनवाई 7 मई को होगी। इस संबंध में अमिता कुमारी एवं अन्य ने याचिका दायर कर हाईकोर्ट को बताया कि आरपीएससी के परिणाम जारी करने के बाद अभ्यर्थियों ने सामान्य ज्ञान सहित अन्य विषयों के विवादित प्रश्नों को लेकर हाईकोर्ट में याचिकायें दायर की गई थी। याचिकायें आज भी लम्बित है। याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत में अंडरटेकिंग दी थी कि हाईकोर्ट के आदेश के बिना नियुक्तियां नहीं दी जाएगी। लेकिन गत दिनों सरकार ने सामाजिक विज्ञान एवं एक अन्य विषय की कांउसलिंग कर चयनीत शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया गया है। जबकि अभी तक विवादित प्रश्नों का विवाद हाईकोर्ट से तय ही नहीं हुआ है। साथ ही यदि विशेषज्ञ कमेटी ने उनकी आपत्तियों को मान लिया, तो भर्ती का नए सिरे से परिणाम जारी होने की संभावना है। तब तक नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने आदेश में कहा है कि इन पदों पर कोर्ट का फैसला आने से पहले नियुक्तियां देना गलत है। मामले में अब अगली सुनवाई 7 मई को होगी। इस संबंध में अमिता कुमारी एवं अन्य ने याचिका दायर कर हाईकोर्ट को बताया कि आरपीएससी के परिणाम जारी करने के बाद अभ्यर्थियों ने सामान्य ज्ञान सहित अन्य विषयों के विवादित प्रश्नों को लेकर हाईकोर्ट में याचिकायें दायर की गई थी। याचिकायें आज भी लम्बित है। याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत में अंडरटेकिंग दी थी कि हाईकोर्ट के आदेश के बिना नियुक्तियां नहीं दी जाएगी। लेकिन गत दिनों सरकार ने सामाजिक विज्ञान एवं एक अन्य विषय की कांउसलिंग कर चयनीत शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया गया है। जबकि अभी तक विवादित प्रश्नों का विवाद हाईकोर्ट से तय ही नहीं हुआ है। साथ ही यदि विशेषज्ञ कमेटी ने उनकी आपत्तियों को मान लिया, तो भर्ती का नए सिरे से परिणाम जारी होने की संभावना है। तब तक नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
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