याचिका में अधिवक्ता संदीप कलवानिया ने बताया कि पंचायती राज विभाग की ओर से वर्ष 2013 में भर्ती निकाली गई। भर्ती के मुख्य परिणाम में याचिकाकर्ता का चयन नही हुआ। इस दौरान याचिकाकर्ता का कांस्टेबल पद पर चयन हो गया। वहीं दूसरी तरफ तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2013 में चयनीत अभ्यर्थियों के कार्यग्रहण नहीं करने पर याचिकाकर्ता का शिक्षक पद पर चयन हो गया। शिक्षक पद पद नियुक्ति के लिए याचिकाकर्ता ने कांस्टेबल पद से कार्यमुक्त करने के लिए विभाग को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया लेकिन विभाग ने याचिकाकर्ता को कार्यमुक्त नही किया। जिसके जवाब में राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि यदि याचिककर्ता कॉन्सटेबल ट्रेनिंग पर हुए खर्च का भुगतान करे तो विभाग उसे रिलीव करने को तैयार है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने ट्रेनिंग का भुगतान लेकर याचिकाकर्ता को रिलीव करने को कहा है।
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कॉन्सटेबल से ट्रेनिंग का भुगतान लेकर रिलीव करने के आदेश
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग को आदेश दिए हैं कि वह
याचिकाकर्ता कॉन्सटेबल से ट्रेनिंग का भुगतान वसूल कर उसे शिक्षक पद पर
नियुक्त होने के लिए रिलीव करे। न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह
आदेश सुरेन्द्र कुमार की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता संदीप कलवानिया ने बताया कि पंचायती राज विभाग की ओर से वर्ष 2013 में भर्ती निकाली गई। भर्ती के मुख्य परिणाम में याचिकाकर्ता का चयन नही हुआ। इस दौरान याचिकाकर्ता का कांस्टेबल पद पर चयन हो गया। वहीं दूसरी तरफ तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2013 में चयनीत अभ्यर्थियों के कार्यग्रहण नहीं करने पर याचिकाकर्ता का शिक्षक पद पर चयन हो गया। शिक्षक पद पद नियुक्ति के लिए याचिकाकर्ता ने कांस्टेबल पद से कार्यमुक्त करने के लिए विभाग को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया लेकिन विभाग ने याचिकाकर्ता को कार्यमुक्त नही किया। जिसके जवाब में राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि यदि याचिककर्ता कॉन्सटेबल ट्रेनिंग पर हुए खर्च का भुगतान करे तो विभाग उसे रिलीव करने को तैयार है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने ट्रेनिंग का भुगतान लेकर याचिकाकर्ता को रिलीव करने को कहा है।
याचिका में अधिवक्ता संदीप कलवानिया ने बताया कि पंचायती राज विभाग की ओर से वर्ष 2013 में भर्ती निकाली गई। भर्ती के मुख्य परिणाम में याचिकाकर्ता का चयन नही हुआ। इस दौरान याचिकाकर्ता का कांस्टेबल पद पर चयन हो गया। वहीं दूसरी तरफ तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2013 में चयनीत अभ्यर्थियों के कार्यग्रहण नहीं करने पर याचिकाकर्ता का शिक्षक पद पर चयन हो गया। शिक्षक पद पद नियुक्ति के लिए याचिकाकर्ता ने कांस्टेबल पद से कार्यमुक्त करने के लिए विभाग को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया लेकिन विभाग ने याचिकाकर्ता को कार्यमुक्त नही किया। जिसके जवाब में राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि यदि याचिककर्ता कॉन्सटेबल ट्रेनिंग पर हुए खर्च का भुगतान करे तो विभाग उसे रिलीव करने को तैयार है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने ट्रेनिंग का भुगतान लेकर याचिकाकर्ता को रिलीव करने को कहा है।
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