About Us

Sponsor

हैडमास्टर की मनमानी, स्कूल से काट दिए 31 स्टूडेंट्स के नाम

जोधपुर/अभिषेक बिस्सा एक तरफ जहां राज्य सरकार स्कूलों में नामांकन वृद्धि पर जोर दे रही है, वहीं शहर के एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर ने अपनी मनमर्जी से स्कूल में 31 विद्यार्थियों के नाम काट दिए। इस मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कार्यालय पहुंच चुकी है।


तीन बच्चों को पुन: एडमिशन 
जिसके बाद झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले तीन बच्चों को पुन: एडमिशन दिया गया है। इस मामले की जांच लोहावट बीईईओ को सौंपी गई है। हालांकि इसमें संभवत: 2-4 बच्चे ही होंगे, जिन्हें वाकई टीसी की जरूरत थी।
कक्षा प्रथम के 17 बच्चों के नाम काटे
स्कूल का प्रथम सेशन 10 मई तक संचालित हुआ। इस समय विद्यालय में कुल 141 बच्चों का नामांकन था। वहीं 20 जून को स्कूल स्टाफ ने छुट्टियों के बाद आकर रजिस्ट्रर देखा तो महज 110 विद्यार्थी ही प्रवेशित पाए गए। कक्षा प्रथम के उपस्थिति रजिस्टर में लगभग 6-7 बच्चों की उपस्थिति दर्ज होते हुए उन्हें ओवर राइटिंग से गोला बना कर अनुपस्थित बताने का प्रयास किया गया है। जबकि इसमें सर्वाधिक 17 विद्यार्थी पहली कक्षा के हैं। इसके अलावा कक्षा 7 में 5, कक्षा 6 में 3, कक्षा पांच में 1, कक्षा 8 में 3 और कक्षा 4 में 2 विद्यार्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
मजदूर पिता ने की डीईओ से शिकायत
स्कूल से एक-डेढ़ किलोमीटर का सफर तय कर रोज स्कूल आने वाले तीन सगे भाई कक्षा 8 के बबलूसिंह, कक्षा 6 के भगवानसिंह और पप्पुसिंह की 1 से 10 मई तक उपस्थिति 14 से 14 और 13 तक दर्ज है। उसके बावजूद एचएम देवाराम चौधरी ने बच्चों के नाम काट दिए।
  इसी तरह विद्यालय में 8 की टीसी व 23 के नाम काटे गए हैं। यह शिकायत बच्चों के पिता सीताराम ने डीईओ से की, जिसके बाद उनके नाम जोड़ दिए गए हैं। शेष के नाम अभी तक एचएम ने नहीं जोड़े।
यह भी मानी जा रही वजह
इस स्कूल में एक शारीरिक शिक्षक राजेन्द्र परिहार कार्यरत हैं। सरकार ने हाल में सितंबर 2015 तक 120 से अधिक विद्यार्थी होने पर शारीरिक शिक्षक लगाने का आदेश दिया है। सूत्रों की मानें तो परिहार ने एचएम चौधरी को 10 मई तक 141 बच्चों को आधार मानते हुए अपने शिक्षक संघ के जरिये सरकार से खुद को स्कूल में रखने की अनुमति मांगी थी, जो चौधरी ने दूसरे नए सत्र में देने को कहा।
110 बच्चों का ही नामांकन
जबकि 20 जून को दूसरा सत्र प्रारंभ होने पर यहां शारीरिक शिक्षक परिहार को महज 110 बच्चों का ही नामांकन मिला। सूत्र बताते हैं कि संभवत एेसा लग रहा है कि प्रधानाध्यापक राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय राजमहल में शारीरिक शिक्षक नहीं रखना चाहते थे।


यह है नियम
शिक्षा विभाग के जानकारों के अनुसार किसी विद्यार्थी को कम से कम 45 दिन तक अनुपस्थित रहने पर उसका नाम रजिस्टर से काटा जा सकता है। स्कूल में किसी विद्यार्थी की इतनी लंबी अनुपस्थिति नहीं रही है। एेसे में तय है कि एचएम पर शिक्षा विभाग की ओर से गाज गिर सकती है।
--
ये बच्चे तीन-चार माह से आ नहीं रहे थे। 17 नाम पहली कक्षा में काटे। चार बच्चे वो थे, जिन्होंने डॉक्यूमेंट पेश नहीं किए। स्कूल का स्टाफ बच्चे लेकर आया था। (इस बीच एचएम देवाराम ने गलती भी मान ली। जबकि 10 मई तक लास्ट वर्र्किंग डे के दिन 141 बच्चे थे, 20 जून को स्कूल खुलते ही 110 रह गए।)
-देवाराम चौधरी, हेडमास्टर, राउप्रावि राजमहल
--
डायरेक्टर पुरोहित ने नहीं उठाया फोन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्रिका ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक जगदीशचंद पुरोहित को फोन लगाया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
--
इनका कहना है
इस मामले में जांच हो रही है। रिपोर्ट आते ही कार्रवाई होगी।
- नूतनबाला कपिला
डीडी, प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा
जोधपुर
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC

Photography

Recent

Recent Posts Widget
'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();

Important News

Popular Posts