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बंद हो चुके स्कूल भी सूची में, अब बीईईओ से लेंगे शपथ पत्र : राजस्थान शिक्षकों का ब्लॉग

बंद हो चुके स्कूल भी सूची में, अब बीईईओ से लेंगे शपथ पत्र
सीकर। पंचायतीराज विभाग के शिक्षकों के स्टाफिंग पैटर्न को लेकर पहली सूची विवादों में है। सूची में 2419 शिक्षक लिए हैं, जो स्टाफिंग पैटर्न के दायरे में आएंगे। अब इस सूची के आधार पर शिक्षा विभाग इन्हें स्कूलों में नियुक्ति देगा।
शिक्षा निदेशालय से मिली सूची में कई ऐसे स्कूल भी दिए गए हैं जो बंद हो चुके हैं। इसके अलावा पदोन्नत हो चुके शिक्षकों को भी सूची में शामिल कर लिया है। विवाद बढ़ता देख शिक्षा विभाग ने अब सूची को सही करने के लिए रास्ता निकाला है। मंगलवार को ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को बुलाया है। बीईईओ को कहा गया है कि वे इस सूची को दुरुस्त कर दें। अगर कोई शिक्षक पदोन्नत हो चुका है तो उसका नाम हटा दिया जाए। वहीं बंद हो चुके स्कूलों को भी दायरे से हटाया जाए।
इसके लिए बीईईओ से कहा गया है कि उन्हें सूची दुरुस्त करने के बाद शपथ पत्र देना होगा। इसमें यह बताना होगा कि सूची पूरी तरह दुरुस्त कर दी गई है। इसमें किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है। स्टाफिंग पैटर्न की सूची पर लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। शिक्षक संगठन भी लामबंद होने लगे हैं।
परेशानी यह है कि विषयों के टीचर कहां से आएंगे?
सवाल यह है कि स्टाफिंग पैटर्न में शिक्षा विभाग गणित, विज्ञान व सामाजिक विज्ञान के शिक्षक कहां से लाएंगे। क्योंकि सैकंड लेवल में अगस्त 1997 तक नियुक्ति पा चुके शिक्षकों को लिया है। जबकि फर्स्ट लेवल में छह फरवरी 2006 तक नियुक्ति पा चुके शिक्षक हंै। अब सैकंड लेवल में विषयों के शिक्षक नहीं मिल पाएंगे। 1997 तक नियुक्ति पाने वाले शिक्षक पहले ही पदोन्नत होकर सैकंडरी एजुकेशन में जा चुके हैं। थर्ड ग्रेड के कोई शिक्षक नहीं रहे हैं। जबकि शिक्षा विभाग सैकंड लेवल में 1997 तक के शिक्षक ही ले रहा है।
{2419 शिक्षक दायरे में आएंगे।
{1213 शिक्षक सैकंड लेवल के हैं जो कक्षा छह से आठवीं तक पढ़ाएंगे। यह बीएडधारी हैं।
{ 1206 शिक्षक फर्स्ट लेवल हैं जो कक्षा पांचवीं तक पढ़ाने योग्य है। यह एसटीसी किए हुए हैं।
शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ लगाए नारे | स्टाफिंग पैटर्न निरस्त करने की मांग को लेकर राजस्थान शिक्षा एवं शिक्षक बचाओ संयुक्त मोर्चा ने सोमवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने शिक्षा राज्य मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। इस दौरान उपेंद्र शर्मा, भादरमल, दानसिंह बिरडा, महेश खीचड़, हरफूलसिंह, पोखरमल, नंदलाल मील, बाबूलाल मीणा, जगदीश दानोदिया, मुकेश निठारवाल व सुभाष ढाका

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