बेरोजगार अभ्यर्थियों से कमाई करने के फेर में संस्कृत शिक्षा विभाग ने
तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के नियम ही बदल डाले। संस्कृत शिक्षा में सैकंड
लेवल के 571 पदों पर भर्ती होनी है। इसमें विज्ञान और गणित के अलग-अलग पद
दर्शाए दिए गए। जबकि इससे पहले पंचायतीराज विभाग और प्रारंभिक शिक्षा विभाग
की ओर से की गई तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में विज्ञान और गणित के अलग अलग
पद नहीं दर्शाए गए थे।
संस्कृत शिक्षा में जिस आरटेट और रीट को आधार मानकर
यह भर्ती की जा रही है। उसमें भी विज्ञान-गणित को एक ही विषय माना गया है।
दस साल से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों ने पदों के इस बंटवारे का
विरोध शुरू कर दिया। आनन-फानन में विभाग ने स्पष्टीकरण जारी कर गलती को
सुधारा। अधिकारियों की गलती से इस भर्ती के भी कोर्ट में अटकने की स्थिति
बन गई थी। अभ्यर्थियों ने आरोप लगा दिया कि अलग-अलग पद दर्शाने के पीछे
विभाग बेरोजगारों से अधिक आवेदन लेकर अपनी जेब भरना चाहता है। अगर विभाग
विज्ञान और गणित को एक ही विषय मान ले, तो अभ्यर्थियों के एक ही आवेदन से
काम चल जाता। अलग-अलग मानने पर अभ्यर्थियों को दोनों विषयों के लिए अलग-अलग
शुल्क के साथ दो आवेदन करने पड़ते।
तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती : विज्ञान व गणित के पद दर्शाए थे अलग-अलग
यह है भर्ती की डिटेल
571पदों पर भर्ती की तैयारी। कक्षा 6 से 8 तक के सेकंड लेवल शिक्षक।
7फरवरी से 8 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं अभ्यर्थी।
इस भर्ती में विज्ञान और गणित के अलग-अलग पद दर्शाए गए हैं।
टीएसपी एरिया में गणित 26, विज्ञान 25 और अंग्रेजी के 16 पदों पर तथा
नॉन-टीएसपी एरिया में गणित 236, विज्ञान 193 और अंग्रेजी के 75 पदों पर
भर्ती होगी।
पिछली भर्तियों में जब विज्ञान-गणित को एक ही विषय माना गया था और उसी
आधार पर भर्ती हुई है तो संस्कृत शिक्षा ने इसमें बदलाव क्यों कर दिया।
हमने पिछली भर्तियों के सबूत सौंपे तो अधिकारियों को बात माननी पड़ी और
दोनों विषयों को इकाई माना गया। -दीपेंद्र शर्मा, अध्यक्ष, राजस्थान
बेरोजगार संघ
संस्कृत पढ़ने वालों को नुकसान
इस भर्ती में संस्कृत के पदों पर भर्ती नहीं की जा रही। इससे
संस्कृत की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को नुकसान हो रहा है। वे 10 साल से
भर्ती का इंतजार कर रहे थे। यही नहीं अंग्रेजी विषय लेकर शास्त्री की पढ़ाई
कर रहे विद्यार्थियों को भी अंग्रेजी के पदों पर अतिरिक्त लाभ नहीं दिया
गया है।
निदेशक ने जारी किया स्पष्टीकरण
संस्कृत शिक्षा निदेशक विमल कुमार ने स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि रीट का
आयोजन दोनों विषयों को इकाई मानकर किया जा रहा है। इसलिए विज्ञान-गणित को
भर्ती में एक ही इकाई माना जाएगा।