बीकानेर. सरकार ने चुनावी वर्ष में अपने चहेते
शिक्षकों को उपकृत करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्र में लगा
दिया। बीकानेर शहर में पद रिक्त नहीं होने पर भी 22 शिक्षकों को हटाकर
चहेते शिक्षकों को लगा दिया गया। इस तरह तबादले किए जाने से शिक्षकों में
रोष है।
शिक्षक संघ शेखावत के प्रदेश महामंत्री श्रवण पुरोहित ने कहा कि ये तबादले राजनेताओं के इशारों पर किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि 13 सितंबर को किए गए तबादलों की सूची 3 दिन बाद १६
सितंबर को जारी की गई, जबकि वर्तमान में अधिकारी के हस्ताक्षर वाले दिन ही
सूचियां जारी कर दी जाती हैं। इस सूची को जानबूझकर 3 दिन बाद जारी किया
गया, ताकि शिक्षक पिछली तारीखों में कार्यमुक्त होकर शीघ्र कार्यग्रहण कर
सकें।
सूची में शहरी क्षेत्र में आए अधिकतर शिक्षकों ने अगले दिन ही 17 सितंबर
को कार्यग्रहण कर लिया, जबकि 16 सितंबर को जारी सूची से इतनी जल्दी
कार्यग्रहण करना ग्रामीण शिक्षकों के लिए संभव नहीं है। इसके अलावा पद
रिक्त नहीं होने पर भी शहरी क्षेत्र के शिक्षकों को दूरस्थ स्थानों पर भेज
दिया गया।
हाल ही में लेवल-1 के 49 तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण किए गए
थे। इनमें विभागीय नियमों की अनदेखी करने की जानकारी मिली है। कई शिक्षकों
ने तो माध्यमिक शिक्षा निदेशक को गलत तबादला करने की शिकायत की है तो कई
शिक्षक कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पहुंच गए हैं।
जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का संस्थापन रिकॉर्ड
अपडेट नहीं होने और सरकार का दबाव होने के कारण जिन शिक्षकों के परिजन
गंभीर बीमारी से पीडि़त है, उनके भी तबादले कर दिए गए। भाषा शिक्षक,
पति-पत्नी जैसे शिक्षकों का भी स्थनांतरण किया गया है।
इस तरह खुली पोल
एक शिक्षक का पुत्र गंभीर बीमारी
से ग्रस्त है। उसका तबादला शहर से ग्रामीण क्षेत्र में कर दिया गया है।
विभागीय नियमामुसार एेसे शिक्षकों को इच्छित स्थान पर ही रखने के निर्देश
हैं। जिशिअ के संस्थापन रिकॉर्ड में ऐसा इंद्राज नहीं होने से शिक्षक का
तबादला कर दिया गया।
उधर, लेवल-1 के शिक्षक का 4 साल में 4 बार तबादला कर दिया गया। अब यह
शिक्षक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। इसके अलावा एक
ही जगह लगे शिक्षक पति-पत्नी को भी अलग-अलग कर दिया गया।
भाषा शिक्षक का भी ताबदला
तबादला सूची में भाषा
शिक्षक का भी तबादला कर दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने जिला
शिक्षा अधिकारी को इस तरह के तबादले निरस्त करने को कहा है।
दे सकते हैं परिवेदना
नियमानुसार तबादले हुए हैं।
अगर किसी शिक्षकों को लगता है कि उनका तबादला गलत हुआ है तो वे परिवेदना दे
सकता है। कई बार शाला दर्पण पर शिक्षकों की सूचनाएं अपडेट नहीं होने से
विसंगतियां रह जाती हैं, तो उन्हें ठीक करवाया जा सकता है।
दयाशंकर अरडावतिया, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), बीकानेर