बसवा. कस्बे के पास सेवरा की ढाणी में संचालित राजकीय
प्राथमिक विद्यालय मात्र एक अध्यापक के भरोसे है। विद्यालय में ब'चों के
लिए पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है। सरकार एक ओर सरकारी विद्यालयों में
नामांकन बढ़ाने पर जोर दे रही है, लेकिन सरकारी विद्यालयों में सुविधा नहीं
होने के कारण ब'चे भी इनसे मुंह मोड़ रहे हैं।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय सेवरा की ढाणी में करीब 62 ब'चे पढ़ते
हैं, लेकिन विभाग ने विद्यालय में मात्र एक अध्यापक लगा रखा है। ब'चों की
पढ़ाने के अलावा विद्यालय के पूरे काम भी उसी अध्यापक को करने पड़ते हैं। इसके बावजूद विभाग के अधिकारियों का विद्यालय की ओर कोई ध्यान नहीं है। इस कारण आसपास के अधिकांश लोग अपने ब'चों को बसवा या बांदीकुई पढऩे के लिए भेजते हैं।
पेयजल की व्यवस्था नहीं
विद्यालय में पेयजल के लिए दो हैण्डपंप लगे हैं, लेकिन जलस्तर
गहराने के कारण दोनों हैंडपंप सूख चुके हैं। ग्रामीण कैलाश गुर्जर ने बताया
कि टंकी का निर्माण भी हो रखा है, लेकिन पानी नहीं होने के कारण सूखी पड़ी
है। इस कारण अध्यापक व ग्रामीणों को अपने खर्चे पर टैंकर मंगवाने पड़ते
हैं। पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों व छात्रों ने अधिकारियों के खिलाफ
नारे लगाए। अध्यापक मीठालाल ने बताया कि अध्यापकों की कमी व पानी की समस्या
के बारे में अधिकारियों को अवगत करा दिया, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं
हुआ।
तीन अप्रेल को दिल्ली जाएंगे शिक्षक
दौसा. राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के पदाधिकारी जिलाध्यक्ष
फैलीराम मीना के नेतृत्व में तीन अप्रेल को दिल्ली में आयोजित रैली में
हिस्सा लेने जाएंगे। संगठन के जिलामंत्री रविन्द्र कुमार भौमिया ने बताया
कि केंद्र सरकार की ओर से शिक्षा नीति को लेकर जारी किया नया नोट एवं
शिक्षा के मद में लगातार की जा रही कटौती के विरोध में अखिल भारतीय स्तर
केजी. से पीजी. तक के शिक्षकों के सभी संगठन एकजुट होकर तीन अप्रेल को सुबह
11 बजे रामलीला मैदान में एकत्र होकर संसद भवन तक रैली निकालेंगे। जन्तर
मन्तर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन को अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक संघ के
राष्ट्रीय अध्यक्ष रणवीर सिंह
ढिल्ला सम्बोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि जिले के सभी उपशाखा के
पदाधिकारियों को रैली मेें शिक्षकों को अधिक संख्या में ले जाने के लिए
लक्ष्य आवंटित कर दिया गया है।