बूंदी. शारीरिक शिक्षकों को मनरेगा कार्य की
जिम्मेदारी सौपने को लेकर शारीरिक शिक्षक संघ लामबंद हो गया है। शिक्षक संघ
ने एक स्वर में कहा कि विभाग से हटकर कार्य सौपा तो शारीरिक शिक्षक संघ
शिक्षा विभाग की खेलकूद प्रतियोगिताओं का बहिष्कार करेगा।
संघ जिलाध्यक्ष अंकुर निम्बार्क ने बताया कि शारीरिक शिक्षक का पदस्थापन
विद्यालय में अनुशासन तथा खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए होता
है। सरकार ने प्रत्येक विद्यालय के खेल मैदान के निर्माण को लेकर मनरेगा
योजना को स्वीकृत किया है।
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मनरेगा योजना से खेल मैदान निर्माण की जिम्मेदारी मुख्य कार्यकारी
अधिकारी जिला परिषद के मार्गदर्शन में सम्बन्धित पंचायत पिकास अधिकारी के
तहत उसी पंचायत के कार्मिकों सचिव, सरपंच, ग्राम सहायक, पंचायत सहायक,
नरेगा मजदूर, मेट आदि के द्वारा सम्पादित होता है लेकिन राज्य में मात्र
बूंदी जिले में शारीरिक शिक्षकों को नकारा मानते हुए शिक्षकों को मेट की
तरह मस्टरोल को प्राप्त करना तथा उसके कार्यो का पर्यवेक्षण व सम्पादन का
कार्य दिया गया है जिससे शिक्षकों में रोष व्याप्त है।
संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि शारीरिक शिक्षकों को
राहत प्रदान नही की गई तो संघ आन्दोलन का रूख अख्तियार करेगा। संघ ने जिला
शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौपकर कहा कि जॉब चार्ट से हटकर कोई कार्य नही
करेगें। वहीं इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी तेजकंवर ने मुख्य कार्यकारी
अधिकारी से इस मामले में चर्चा करने की बात कही।