जयपुर: प्रतियोगिता परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वालों
के खिलाफ पुलिस की स्पेशल विंग एसओजी लगातार कार्रवाई कर रही है। अलग-अलग
भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, डमी कैंडिडेट बैठाने और नकल कराने वाले
आरोपियों की धरपकड़ कर रही है। अब तक 42 ट्रेनी थानेदारों सहित 60 से
ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शुक्रवार 6 सितंबर
को एसओजी ने एक वरिष्ठ अध्यापक को गिरफ्तार किया है। एसओजी की गिरफ्त में
आया यह वरिष्ठ अध्यापक सूरत मीणा है, जो सवाई माधोपुर जिले के बाटोदा गांव
का रहने वाला है।
वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में होते हैं दो पेपर
वरिष्ठ
अध्यापक भर्ती में लिखित परीक्षा के दो पेपर होते हैं। एक पेपर सामान्य
ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान का होता है, जबकि दूसरा पेपर सब्जेक्ट का होता
है। सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान का पेपर सभी अभ्यर्थियों को देना
होता है, जबकि सब्जेक्ट का पेपर अभ्यर्थी की ओर से चयन किए गए सब्जेक्ट के
हिसाब से देना होता है। यानी हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान,
सामान्य विज्ञान आदि जिस विषय के लिए अभ्यर्थी ने आवेदन किया है। उस
सब्जेक्ट का पेपर देना होता है।
दोनों परीक्षाओं में बैठाए डमी अभ्यर्थी
गिरफ्तार किए गए आरोपी
सूरत मीणा ने सामान्य विज्ञान विषय से आवेदन किया था। 24 दिसंबर 2022 को
हुई सामान्य विज्ञान की लिखित परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाया था। बाद में
29 जनवरी 2023 को हुई सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान की परीक्षा में
भी डमी कैंडिडेट बैठाया था। आरोपी सूरत मीणा ने डमी कैंडिडेट उपलब्ध कराने
वाली गैंग के सक्रिय सदस्य के जरिए 15 लाख रुपये में डमी कैंडिडेट बैठाने
का सौदा किया था।9 महीने बाद हुई है गिरफ्तारी
दोनों पेपर की परीक्षाओं में डमी
कैंडिडेट बैठाने के बाद सूरत मीणा का वरिष्ठ अध्यापक भर्ती में चयन हो गया
था। आरोपी ने नौकरी जॉइन भी कर ली। बाद में आरोपी के खिलाफ शिकायत मिली तो
27 दिसंबर 2023 को एसओजी में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के बाद अब आरोपी
सूरत मीणा को गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट में पेश करके उसे 11 सितंबर तक
पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अब सूरत मीणा की निशानदेही पर डमी कैंडिडेट
और दलाल की तलाश की जा रही है।