कॉमर्स के विद्यार्थियों को शिक्षक भर्ती पात्रता परीक्षा (रीट) में तो
शामिल किया गया लेकिन ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती के योग्य नहीं मानने के कारण
राज्यभर के हजारों विद्यार्थियों के शिक्षक बनने के सपनों पर पानी फिर रहा
है।
रीट की द्वितीय लेवल की परीक्षा में साइंस, सोशल साइंस आैर अन्य
विषयों के विकल्प थे, कॉमर्स के विद्यार्थी इन्हीं विकल्प के आधार पर रीट
में बैठे। लेकिन जिन विद्यार्थियों ने रीट परीक्षा उत्तीर्ण कर ली वे अब
ग्रेड थर्ड शिक्षक का ऑनलाइन फार्म नहीं भर पा रहे हैं। विद्यार्थियों का
कहना है कि ऑनलाइन फार्म में कॉमर्स के लिए कोई ऑप्शन नहीं है, अन्य विषयों
का विकल्प है, लेकिन उसमें भी क्लिक करने पर कॉमर्स के विद्यार्थी फार्म
नहीं भर पा रहे हैं। फार्म को डिजाइन ही इस तरह से किया गया है कि कॉमर्स
के विद्यार्थी अप्लाई नहीं कर सकें।
यह है विद्यार्थियों का सवाल
विद्यार्थियों का कहना है कि रीट क्लियर करने के बाद भी वे थर्ड
ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के योग्य नहीं है तो
फिर दो साल के बीएड कोर्स के दौरान द्वितीय वर्ष में आखिरी के चार माह तक
5वीं से 8वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को क्यों पढ़वाया जाता है।
दोहरी नीति तो फिर कॉमर्स के लिए रीट का क्या औचित्य बचा
आरटीई एक्ट-2009 के मुताबिक स्नातक के साथ बीएड धारी आैर रीट
द्वितीय स्तर की परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थी ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती
के पात्र हैं। लेकिन कॉमर्स विषय से स्नातकों के लिए यह पात्रता आड़े आ
रही है। कॉमर्स स्नातक ने भले ही रीट में 100 फीसदी अंक हासिल किए हों
लेकिन ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती का ऑनलाइन फार्म नहीं भर रहे हैं। आवेदन
करने की अंतिम तिथि 25 अगस्त है।
कहीं भी नहीं है क्लेरीफिकेशन
बीकॉम के बाद बीएड करने वाले विद्यार्थी तृतीय श्रेणी शिक्षक
भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। रीट में उन्होंने अन्य
विषयों के तौर साइंस आैर सोशल साइंस से आवेदन किया था। परीक्षा पास भी कर
ली, लेकिन अब थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती का ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
इसमें कॉमर्स के लिए कोई ऑप्शन नहीं है आैर न ही वेबसाइट पर किसी तरह का
कोई क्लेरीफिकेशन है। राज्य सरकार द्वारा किसी तरह की कोई विज्ञप्ति भी इस
बारे में जारी नहीं की गई है।