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पुलिस वाले गरीब बच्चों का भविष्य तराश रहे

राजस्थान के चुरु जिले की पुलिस ने उन निरक्षर बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया है जो बेसहारा या आर्थिक कमजोरी के कारण पढ़ नहीं पाते। ऐसे बच्चों को पढ़ाने के लिए पुलिस ने ‘आपणी पाठशाला’शुरू की है, जिसमें पुलिसकर्मी शिक्षकों की भूमिका निभा रहे हैं।

पाठशाला में छात्रों के लिए पुस्तके, पेंसिल, जूते और जुराब निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला पुलिस अधीक्षक राहुल बारहट ने उन बच्चों को चिन्हित किया जो बेसहारा या फिर गरीबी के चलते पढ़ाई नहीं कर पाते। ‘आपणी पाठशाला’ में आरंभ में आठ बच्चों ने दाखिला लिया। वर्तमान में 240 छात्र और छात्राएं अध्ययनरत हैं। बकौल, पुलिस अधीक्षक पाठशाला संचालित करने वाले पुलिसकर्मी धर्मवीर को राज्य स्तर पर आयोजित समारोह में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सम्मानित किया।
योग की शिक्षा भी दी जा रही
पुलिस अधीक्षक राहुल बारहट ने बताया गलियों में कचरा बीनने वाले या गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षित करने का काम किया जा रहा है। बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए वह खुद पाठशाला में पढ़ाते हैं। पढ़ाई के अलावा उन्हें योग की शिक्षा भी दी जा रही है। वहीं खेलकूद की व्यवस्था भी की गई है।
कबड्डी के मैच कराए जा रहे
एसपी राहुल बाराहट ने चुरु में कुछ माह पूर्व स्थानीय लोगों के साथ कबड्डी लीग शुरू की थी। यह प्रतियोगिता शुरू में छोटे स्तर पर हुई थी। हर थाना क्षेत्र में पुलिस और स्थानीय जनता के बीच कबड्डी के मैच कराए जा रहे हैं और जीतने वाली टीम को इनाम भी दिया जा रहा है।  

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